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Tuesday, 15 November 2011

AFSPA will remain for now!

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उमर को झटका, अभी नहीं हटेगा एएफएसपीए
क्लीन मीडिया संवाददाता 


नई दिल्ली, 15 नवम्बर (सीएमसी) : जम्मू-कश्मीर के चार जिलों से सशस्त्र सैन्‍यबल विशेषाधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) वापस लिए जाने के कोई आसार अब नजर नहीं आ रहे। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने मंगलवार को साफ तौर पर कहा, इतने बड़े फैसले के लिए कोई समय सीमा निर्धारित कर पाना संभव नहीं है। रक्षा मंत्री ने कहा कि एएफएसपीए एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

केंद्र सरकार ने एक तरह से उमर अब्दुल्ला को बता दिया है कि राज्य में कहीं से भी एएफएसपीए हटाने के प्रस्ताव पर एक साल तक कोई विचार नहीं किया जाएगा।

गौर हो कि मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री पी चि.दंबरम से मुलाकात की। इसके अलावा, उमर ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति के सदस्यों का समर्थन की अपील की। उमर ने बीते दिन भी दिल्‍ली में कई नेताओं से मुलाकात की थी।

उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को हटाने की घोषणा की थी, लेकिन अब लगता है कि उनकी मांग फिलहाल पूरी नहीं होगी। अब सरकार का रुख देखने के बाद उमर भी ठंढ़े पड़ गए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृहमंत्री पी. चिदंबरम से मिलने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे सीसीएस के सभी सदस्यों से मिलकर उन्हें अपने पक्ष से अवगत करा रहे हैं। इस मसले पर सेना की चिंताओं को दूर करते हुए राज्य सरकार के पक्ष पर आगे बढ़ने का रास्ता निकालना संभव है।

राजधानी दिल्ली में अपने रचनात्मक दौरे के तहत मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने थलसेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून और सुरक्षा से संबंधित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने दिल्ली दौरे के तहत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कई नेताओं से मुलाकात की है। इस सिलसिले के आखिर में उन्होंने मंगलवार को थलसेनाध्यक्ष से मुलाकात की। 41 वर्षीय मुख्यमंत्री सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (एएफएसपीए) को राज्य के उन कुछ हिस्सों से आंशिक रूप से हटाने की मांग कर रहे हैं जहां काफी कम हिंसा देखी गई है। इस बैठक के बारे में दोनों ही ओर से कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई गई।

उमर ने सिर्फ ट्विटर पर लिखा, ‘अब जम्मू के लिए रवानगी। आखिरी मुलाकात चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल वी के सिंह के साथ नाश्ते पर हुई। इसी के साथ दिल्ली दौरा खत्म हुआ।’ रविवार को यहां थलसेनाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा के बीच भी करीब एक घंटे तक चर्चा हुई थी। उमर दो दिन तक राष्ट्रीय राजधानी में रहे।

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