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मैंने कोई पार्टी नहीं बनाई- मटुकनाथ
क्लीन मीडिया संवाददाता
लखनऊ, 23 जनवरी (सीएमसी): शिष्या के साथ प्रेम प्रसंग के कारण सुखिर्यों में आए पटना विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर मटुकनाथ ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई पार्टी नहीं बनाई है और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जिस ‘लव पार्टी’ को उनका दल बताया जा रहा है उससे उनका कोई वास्ता ही नहीं है।
मैंने कोई पार्टी नहीं बनाई- मटुकनाथ
क्लीन मीडिया संवाददाता
लखनऊ, 23 जनवरी (सीएमसी): शिष्या के साथ प्रेम प्रसंग के कारण सुखिर्यों में आए पटना विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर मटुकनाथ ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई पार्टी नहीं बनाई है और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जिस ‘लव पार्टी’ को उनका दल बताया जा रहा है उससे उनका कोई वास्ता ही नहीं है।
मटुकनाथ ने कहा, मैंने कोई पार्टी नहीं बनाई है और जिस लव पार्टी को मेरे दल के रूप में पेश किया जा रहा है, उससे मेरा दूर-दूर तक कोई वास्ता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग लव पार्टी के उद्देश्यों और एजेंडा के नाम पर उल-जुलूल बातें कर रहे हैं, वे ओछी मानसिकता के हैं और उनकी विचारधारा उनसे मेल नहीं खाती।
मटुकनाथ ने इसे गम्भीर मामला बताते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत की जा सकती है, लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहते क्योंकि जो खबर चंद दिन बाद खुद-ब-खुद झूठी साबित होने जा रही हो उसे गलत सिद्ध करने के लिये हाथ-पैर मारने से क्या फायदा।
मटुकनाथ ने इसे गम्भीर मामला बताते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत की जा सकती है, लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहते क्योंकि जो खबर चंद दिन बाद खुद-ब-खुद झूठी साबित होने जा रही हो उसे गलत सिद्ध करने के लिये हाथ-पैर मारने से क्या फायदा।
गौरतलब है कि हाल में अखबारों में प्रोफेसर मटुकनाथ की ‘लव पार्टी’ के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर प्रत्याशी उतारने तथा मटुकनाथ तथा उनकी पूर्व शिष्या और अब पत्नी जूली के इस महीने के अंत से प्रदेश में पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने की खबरें प्रकाशित हुई थीं। समाचारों में यह भी कहा गया था कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य प्यार करने वाले दिलों को मिलाना है और पार्टी ने आयोग से ‘दिल’ चुनाव चिहन मांगा है।
मटुकनाथ ने माना कि उन्होंने वर्ष 2009 में ‘प्रेम पार्टी’ के नाम से दल बनाने की घोषणा की थी, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने महसूस किया कि इससे पहले एक संगठन बनाने की जरूरत है। पटना विश्वविद्यालय में हिन्दी के पूर्व प्रोफेसर रहे मटुकनाथ ने बताया कि उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय प्रेम परिवार’ के नाम से एक संगठन बनाने पर काम शुरू किया है, जिसमें सभी वर्गो के सक्षम लोगों को शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस संगठन के संविधान का खाका तैयार कर उसे इंटरनेट पर अपलोड करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पटना साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भाजपा उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा के लिए कड़ी चुनौती पेश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे घबराकर तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सम्बन्धित जिलाधिकारी को आदेश देकर जबरन उनका नामांकन रद्द करवा दिया था।
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