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Thursday, 13 October 2011

Anna questions the credibility of the central government

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  • क्या सरकार को मंत्रियों के भ्रष्टाचारी होने की जानकारी नहीं थी : हज़ारे
नयी दिल्ली, 13 अक्तूबर - अपने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के तीखे आरोपों के जवाब में गांधीवादी अन्ना हज़ारे ने आज केंद्र में सत्तारूढ़ दल से ही सवाल किया कि क्या उसे यह जानकारी नहीं थी कि उसके मंत्री भ्रष्टाचार कर रहे हैं।

हज़ारे ने दिग्विजय को लिखे आठ पृष्ठ के जवाबी खत में कहा, ‘‘आपको लगता है कि कांग्रेस पार्टी बेदाग है। आज कांग्रेस के कई मंत्री जेल में बंद हैं, तो क्या आपकी सरकार को यह पता नहीं था कि ये लोग भ्रष्टाचारी हैं? लेकिन भ्रष्टाचारी लोगों को साथ में लिये चलने की आदत जो पड़ गयी थी। इसी कारण देश में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी और दूसरी पार्टी में फर्क ही क्या रहा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपको संदेह है तो जनता का जनमत लेने से आपका संदेह दूर हो सकता है। यदि आपकी पार्टी और सरकार को भ्रष्टाचार निर्मूलन की इच्छा दिल से होती तो 42 साल में छह बार लोकपाल विधेयक संसद में पेश होकर भी पारित क्यों नहीं हुआ।’’ हज़ारे ने दिग्विजय से सवाल किया, ‘‘इसी वर्ष जुलाई के महीने में पुणे में आप ही ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी :राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेश: कलमाडी तथा :महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री: अशोक चव्हाण का समर्थन करती है। अगर यह सच है तो क्या यही कांग्रेस पार्टी की ईमानदारी है।’’ गौरतलब है कि कलमाडी पर राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार और चव्हाण पर आदर्श आवासीय सोसायटी घोटाला मामले में आरोप लगे हैं।

सूचना का अधिकार कानून बनाने का श्रेय कांग्रेस नीत सरकार को जाने के दिग्विजय के दावे के संदर्भ में हज़ारे ने कहा कि सरकार ने कानून तो बनाया लेकिन सिर्फ दो ही वर्ष के भीतर इस कानून के कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को हटाने का प्रस्ताव कैबिनेट में पारित किया। इस कानून की आत्मा ही निकाल देने वाले मुद्दों के जरिये संसद में संशोधन प्रस्ताव लाने का प्रयास किया।

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