News

Monday, 10 October 2011

jagjit- ab kaise muskarayega Gazal ka Noor...?

‘तुम इतना जो मुस्कुरा ... ’ : एक मखमली आवाज का खामोश होना
मुंबई, दस अक्तूबर : हरफों को अपनी मखमली आवाज से रेशम की डोर में पिरो, गजल गायिकी को एक नया मुकाम देने वाली रूमानी शख्सियत जगजीत सिंह की आवाज आज खामोश हो गयी । इस क्षति पर देशभर में शोक की लहर है ।

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह , फिल्म जगत की जानी मानी हस्तियों समेत विभिन्न राजनेताओं ने इसे अपूर्णीय क्षति करार देते हुए गहरी संवेदना जाहिर की है ।

प्रतिभा पाटिल ने उनकी पत्नी चित्रा के नाम अपने संवेदना संदेश में कहा,‘‘गजल सम्राट के रूप में मशहूर जगजीत सिंह का दिल भी बहुत बड़ा था और इसी के चलते वह धर्मार्थ कार्यो में भी लगे थे ।’’ जगजीत सिंह के मुरीदों में शामिल प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि उन्हें कुदरत ने सुनहरी आवाज दी थी जिसके जरिए उन्होंने करोड़ों संगीत प्रेमियों पर यह दौलत लुटायी ।

वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गजल सम्राट के निधन को राष्ट्र और इसकी संस्कृति के प्रति बड़ी क्षति करार दिया।

महान गजल गायक जगजीत सिंह का ब्रेन हेमरेज के चलते आज निधन हो गया और उसी के साथ वो सागर की गहरायी लिए हुए आवाज भी शांत हो गयी जिसने ‘तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो , ‘‘झुकी झुकी सी नजर , और भी न जाने कितने नगमों से करोड़ों लोगों के दिल में गहरे तक उतर कर अपनी एक खास जगह बनायी थी।

70 और 80 के दशक में दरबारी परंपरा से निकाल कर गजल गायिकी को आम आदमी के करीब लाने वाले 70 वर्षीय जगजीत सिंह को 23 सितंबर को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका आपरेशन किया गया लेकिन वे अपनी बीमारी के चंगुल से निकल नहीं पाए और उन्हें जीवन रक्षक उपकरणों पर रखा गया ।

No comments:

Post a Comment