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Tuesday, 11 October 2011

PM to Anna on right to reject

  • मनमोहन ने हज़ारे से कहा, ‘राइट टू रिजेक्ट’ के लिये राजनीतिक सहमति की जरूरत
नयी दिल्ली, 11 अक्तूबर -मजबूत लोकपाल विधेयक के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज गांधीवादी अन्ना हज़ारे से चुनाव सुधार के लिये ‘राइट टू रिजेक्ट’ की उनकी मांग के संदर्भ में कहा कि इसके लिये राजनीतिक सहमति की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने गांधीवादी कार्यकर्ता को यह पत्र ऐसे समय लिखा है जब हज़ारे पक्ष हिसार लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस के खिलाफ अभियान चला रहा है।

हज़ारे ने प्रधानमंत्री को भ्रष्टाचवार से निपटने के उपायों और चुनावी तथा न्यायिक सुधारों जैसे मुद्दों पर करीब 20 दिन पहले पत्र लिखा था।

सिंह ने खत में कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, हम एक सशक्त लोकपाल कानून बनाने के लिये प्रतिबद्ध हैं और हमें उम्मीद हैं कि निकट भविष्य में हम इसमें सफल हो जायेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने जनलोकपाल के लिये आंदोलन चला रहे सामाजिक कार्यकर्ता से कहा कि इसके अलावा सरकार भ्रष्टाचार से लड़ने और शासन में सुधार लाने के लिये एक व्यापक एजेंडे पर भी काम कर रही है।

सिंह ने हज़ारे को बताया कि इसमें कई कानूनी, कार्यकारी और तकनीकी पहल को शामिल किया जायेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘लोकपाल की स्थापना इस व्यापक एजेंडे का ही एक हिस्सा है।’’

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