- 2जी मामले में चिदंबरम के विषय पर शीर्ष अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा
नयी दिल्ली, 10 अक्तूबर - उच्च्तम न्यायालय ने आज टू जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में गृह मंत्री पी चिदंबरम की कथित भूमिका की जांच कराये जाने संबंधी याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखा है। इस मामले में सरकार और सीबीआई ने उनका जबर्दस्त बचाव किया और कहा कि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है।
बचाव पक्ष ने कहा कि चिदंबरम :तत्कालीन वित्त मंत्री: का उस समय दूरसंचार मंत्री रहे ए राजा के साथ स्पेक्ट्रम की कीमत तय करने के बारे में कोई सीधा संवाद नहीं था।
उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति ए के गांगुली की पीठ के समक्ष केंद्र ने कहा, ‘‘ रिकार्ड से यह स्पष्ट होता है कि राजा और चिदंबरम के बीच इस अवधि और 10 जनवरी 2008 से पहले कोई बैठक नहीं हुई। और सभी परिचर्चा पत्र तत्कालीन वित्त सचिव के माध्यम से वित्त मंत्री के समक्ष आए। इस विषय में सभी संवाद वित्त सचिव के माध्यम से आए।’’ बहरहाल, स्वयंसेवी संस्थान सेंटर फार पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन :सीपीआईएल: और जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र और सीबीआई के दावों का परजोर विरोध किया।
बचाव पक्ष ने कहा कि चिदंबरम :तत्कालीन वित्त मंत्री: का उस समय दूरसंचार मंत्री रहे ए राजा के साथ स्पेक्ट्रम की कीमत तय करने के बारे में कोई सीधा संवाद नहीं था।
उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति ए के गांगुली की पीठ के समक्ष केंद्र ने कहा, ‘‘ रिकार्ड से यह स्पष्ट होता है कि राजा और चिदंबरम के बीच इस अवधि और 10 जनवरी 2008 से पहले कोई बैठक नहीं हुई। और सभी परिचर्चा पत्र तत्कालीन वित्त सचिव के माध्यम से वित्त मंत्री के समक्ष आए। इस विषय में सभी संवाद वित्त सचिव के माध्यम से आए।’’ बहरहाल, स्वयंसेवी संस्थान सेंटर फार पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन :सीपीआईएल: और जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र और सीबीआई के दावों का परजोर विरोध किया।
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