Oh yes,this is the true story! the truth and fearless comments cleanmediatoday.blogspot.com

चिदंबरम को बचाने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल- भाजपा
क्लीन मीडिया संवाददाता
चिदंबरम को बचाने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल- भाजपा
क्लीन मीडिया संवाददाता
नई दिल्ली, 19 नवम्बर (सीएमसी) : 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में तत्कालीन राजग कैबिनेट का बचाव करते हुए भाजपा ने शनिवार को कहा कि 2जी घोटाले में कथित अनियमितता को लेकर अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की सीबीआई की पहल एक ‘राजनीतिक षड्यंत्र’ है और मामले में गृह मंत्री पी. चिदंबरम को बचाने का ‘अंतिम प्रयास’ है।
भाजपा प्रवक्ता और सांसद प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि चिदंबरम को बचाने के लिए कांग्रेस नीत संप्रग सरकार सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि 2जी घोटाले में वह पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के साथ बराबर शामिल रहे हैं। जावड़ेकर ने कहा, ‘यह केस तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ जांच रोकने के लिए दर्ज किया गया है। हमने हाल में उनके खिलाफ सबूत सौंपा था और खुद प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया है कि चिदंबरम से मंजूरी मिलने के बाद ही 2जी आवंटन किया गया। इसलिए राजा और चिदंबरम बराबर के दोषी हैं। यह बराबर सहभागिता और बराबर जिम्मेदारी का मामला है।’ उन्होंने तत्कालीन राजग सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का बचाव किया। उस वक्त प्रमोद महाजन दूरसंचार मंत्री थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई द्वारा नया मामला दर्ज करना 2जी स्पेक्ट्रम जांच को दिग्भ्रमित करना है।
जावड़ेकर ने कहा, ‘राजग कैबिनेट ने सही नीति निर्णय किया। अब जो हो रहा है वह राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है और चिदंबरम को बचाने का अंतिम प्रयास है। कांग्रेस द्वारा यह सीबीआई का अब तक का सबसे बुरा राजनीतिक दुरुपयोग है।’ भाजपा ने आश्चर्य जताया कि इस मुद्दे पर सरकार को सौंपे गए आवेदन और साक्ष्य पर कोई मामला दर्ज नहीं हुआ या कोई छापेमारी नहीं की गई।
महाजन का बचाव करते हुए जावड़ेकर ने कहा, ‘सभी निर्णय कैबिनेट करती है और किसी कंपनी का पक्ष नहीं लिया जाता।’ उन्होंने कहा, ‘2जी स्पेक्ट्रम मामले में कांग्रेस की मिलीभगत थी। यह कोई फ्रेंचाइजी भ्रष्टाचार नहीं है बल्कि गठबंधन भ्रष्टाचार है जिसमें कांग्रेस बराबर की जिम्मेदार है।’ उन्होंने कहा कि राजग के शासनकाल में किसी को भी स्पेक्ट्रम के लिए आवेदन सौंपने से नहीं रोका गया और न ही आवेदन की तारीख में बदलाव किया गया जैसा राजा ने कथित तौर पर किया था।
No comments:
Post a Comment