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टेलीकॉम घोटाले में सुखराम को पांच साल की सजा
क्लीन मीडिया संवाददाता
टेलीकॉम घोटाले में सुखराम को पांच साल की सजा
क्लीन मीडिया संवाददाता
नई दिल्ली, 19 नवम्बर (सीएमसी) : पूर्व दूरसंचार मंत्री सुखराम को 1996 में एक निजी फर्म को ठेका देने के लिए तीन लाख रुपए की रिश्वत लेने का दोषी ठहराते हुए दिल्ली की एक अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश आर.पी. पांडेय ने 86 वर्षीय सुखराम पर चार लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। सुखराम पी.वी. नरसिंह राव सरकार में दूरसंचार मंत्री थे। सीबीआई के अभियोजक ने कहा कि सुखराम को हिरासत में लिया जाएगा और उन्हें जेल भेजा जाएगा। उन्हें तीन साल से ज्यादा की सजा सुनाई गई है। इस वजह से अभियुक्त को कानूनी जमानत नहीं दी जाएगी। सुखराम को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत कल दोषी ठहराया गया था। इन प्रावधानों के तहत अधिकतम सात साल की सजा का प्रावधान है।
इससे पहले सुखराम ने अदालत से अपनी उम्र के आधार पर सजा में रियायत की मांग की थी, जबकि सीबीआई ने उन्हें आदतन अपराधी करार देते हुए उन्हें अधिकतम सजा देने की मांग की थी। 86 वर्षीय सुखराम को वर्ष 1996 में एक निजी फर्म को ठेका देने के लिए तीन लाख रुपए की रिश्वत लेने का दोषी ठहराया गया है। उन्हें पीवी नरसिंह राव मंत्रिमंडल में दूरसंचार मंत्री रहते हुए अपने आधिकारिक पद का दुरूपयोग कर एक निजी कंपनी हरियाणा टेलीकॉम लिमिटेड को पॉलीथीन इन्सुलेटेड जेली फिल्ड (पीआईजेएफ) के 3.5 लाख कंडक्टर किलोमीटर केबल की दूरसंचार विभाग को आपूर्ति के लिए 30 करोड़ का ठेका देने का दोषी ठहराया गया है।
सुखराम को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत बीते गुरुवार को दोषी ठहराया गया था। सुखराम की ओर से उनके वकील ने शनिवार को विशेष न्यायाधीश आर. सी. पांडेय से कहा, ‘मेरी उम्र 86 साल है और मैं पिछले 12 से 13 साल से सुनवाई का सामना कर रहा हूं। उम्र अधिक होने के कारण मुझे बीमारियां हैं और मेरी पत्नी का देहांत हो चुका है। इसलिए मेरी सजा में रियायत बरती जाए।’
वर्ष 1998 में दाखिल आरोपपत्र में सीबीआई ने सुखराम पर एचटीएल को केबल आपूर्ति के लिए उसे ठेका देने का आरोप लगाया था। सुखराम के साथ साथ एचटीएल के अध्यक्ष देविंदर सिंह चौधरी के खिलाफ भी मुकदमा चला था। चौधरी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई।
वर्ष 2009 में सुखराम को 4.15 करोड़ रूपये की बेहिसाब संपत्ति रखने का दोषी ठहराया गया। वर्ष 2002 में उन्हें उपकरणों की आपूर्ति से सरकारी कोष को 1.66 करोड़ रूपये का नुकसान पहुंचाने के एक अन्य मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत तीन साल की सजा सुनाई गई। उन पर हैदराबाद की एडवांस रेडियो मास्ट्स कंपनी के रामा राव को लाभ पहुंचाने का आरोप था। वह इन दिनों जमानत पर हैं।
सुखराम की ओर से उनके वकील ने कहा ‘यह ऐसा मामला नहीं है जहां सरकार ने अपना कोई धन गवांया हो। सीबीआई का कहना है कि उन्होंने रिश्वत ली लेकिन सरकार के कोष को कोई नुकसान नहीं हुआ।’
इस पर सीबीआई के अभियोजक ने कहा कि सुखराम आदतन अपराधी हैं क्योंकि उन्हें दो अन्य मामलों में भी सजा हो चुकी है और वह रियायत के हकदार नहीं हैं। उम्र के मुद्दे पर सीबीआई के वकील ने कहा ‘उम्र हमेशा विचारणीय होती है लेकिन अदालत को यह भी देखना चाहिए कि आरोपी ने जब अपराध किया था तब उसकी उम्र क्या थी। बहरहाल, वर्तमान में हर मामले में सुनवाई में दस से 15 साल लगते हैं और यह दलील दोषी ठहराये जाने के बाद उचित नहीं है कि उम्र को देखते हुए सजा में रियायत दी जानी चाहिए।’
सीबीआई ने यह भी कहा ‘हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह सांसद और मंत्री थे और उन्होंने जनता के साथ विश्वासघात किया।’ सरकारी खजाने को नुकसान न होने संबंधी सुखराम की दलील पर सीबीआई ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के लोकसेवक के दुराचार से निपटने संबंधी प्रावधानों में कहा गया है कि आरोपी द्वारा आर्थिक लाभ लिए जाने से सरकारी कोष को नुकसान होता है।
सात बार विधायक और तीन बार सांसद रह चुके सुखराम को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। वर्ष 1997 में उन्होंने हिमाचल विकास कांग्रेस का गठन किया। 24 मार्च 1998 में प्रेम कुमार धूमल नीत भाजपा एचवीसी सरकार में वह कैबिनेट में शामिल किए गए। लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों में आरोप तय होने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
This guy is 86 years, old who knows whether he's going to live for another two weeks or two decades.
ReplyDeleteHowever, he has already had the corruption money, with him for two decades. He and his loved ones have enjoyed the fruits of that ill gotten wealth and if any is left now, it will pass on to his heirs.
From a poor criminal's perspective, the script reads like this, commit a crime in your middle age or even autumn. Enjoy for two decades. Get hauled up for three years.
I ask the other bloggers to comment on whether they feel this is a strong enough deterrent.