News

Wednesday, 2 November 2011

No intervention in the peace process in Nepal- India

Oh yes,this is the true story! the truth and fearless comments cleanmediatoday.blogspot.com


नेपाल की शांति प्रक्रिया में कोई विदेशी दखल नही - भारत 


क्लीन मीडिया संवाददाता 

काठमांडो, दो नवम्बर (सीएमसी) : भारत ने नेपाल की शांति प्रक्रिया और संविधान का मसौदा तैयार करने में किसी भी तरह के विदेशी दखल को अस्वीकार करते हुए कहा है कि वह अपने इस पड़ोसी देश को बहुदलीय लोकतंत्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा.
काठमांडो में भारतीय राजदूत जयंत प्रसाद ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि सभी दल शांति प्रक्रिया को पूरा करने और संविधान का मसौदा तैयार करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आगे सकारात्मक कदम उठाएं.
पिछले दिनों कार्यभार संभालने वाले प्रसाद आज ने संवाददाताओं से कहा, ‘शांति और संविधान का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया बिना किसी विदेशी दखल के नेपाली जनता और राजनीतिक दलों की ओर से पूरी होनी चाहिए.’
उन्होंने कहा, ‘नेपाली प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई के भारत दौरे के समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नेपाल में शांति प्रक्रिया और संविधान का मसौदा तैयार करने पर सहमति बनाने के लिए पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया था ताकि नेपाल पूरी तरह से बहुदलीय लोकतंत्र में परिवर्तित हो सके.’ प्रसाद ने भरोसा जताया कि नेपाल जल्द ही पूर्व माओवादी लड़ाकों का पुनर्वास करने के साथ ही शांति प्रक्रिया एवं संविधान का मसौदा तैयार करने में सभी लोगों को शामिल कर लेगा.
प्रसाद ने कहा, ‘इन कदमों से नेपाल में स्थिरता आएगी और इस देश में प्रगति भी तेज होगी. यह सभी का मानना है कि नेपाली जनता शांतिपूर्ण बदलाव करने में अब तक सफल रही है.’ दोनों देशों के बीच 1950 की नेपाल-भारत शांति एवं मित्रता संधि की समीक्षा करने के सवाल पर प्रसाद ने कहा, ‘अगर दोनों पक्षों में इसको लेकर राजनीतिक इच्छा है तो इस संधि को समीक्षा करने में कोई समस्या नहीं आएगी.’

No comments:

Post a Comment