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नई दिल्ली, चार नवम्बर (सीएमसी) : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने दावा किया कि यदि भाजपा ने हस्तक्षेप नहीं किया होता और गांधीवादी अन्ना हजारे का समर्थन करने की घोषणा नहीं की होती, तो कांग्रेस रामलीला मैदान में उनके अनशन से वैसी ही निबटती जैसा कि उसने बाबा रामदेव के विरोध प्रदर्शन के साथ किया था.
योगगुरू रामदेव के अनशन के दौरान उनपर और उनके समर्थकों पर आधी रात को की गयी दिल्ली पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा, ‘यदि मैंने अन्ना हजारे को समर्थन पत्र नहीं दिया होता तो उनका भी रामदेव जैसा हश्र होता.’ उन्होंने यहां गोवा चिंतन कार्यक्रम, 2011 में कहा, ‘जब तक हमने (समर्थन) पत्र नहीं दिया था तब तक कांग्रेस यह कहने लगी थी कि भाजपा टीम अन्ना के साथ नहीं है. उनकी मुख्य रणनीति अन्ना के आंदोलन को खत्म करने की थी.’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा हजारे का समर्थन करने वाली पहली राजनीतिक पार्टी थी क्योंकि यह देश हित में था.’
हजारे और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसए) के बीच कथित साठगांठ पर गडकरी ने कहा, ‘संघ कह चुका है कि जो भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करेगा, वह उसके साथ है.’ हजारे के भाजपा से दूरी बनाने पर उन्होंने कहा, ‘चाहे वह (भाजपा) से दूरी बनाते या नहीं, इस बात से मैं बिल्कुल परेशान नहीं हूं, लेकिन पार्टी का स्पष्ट मत है कि जो भी राष्ट्रहित में काम करेगा, वह उसके साथ खड़ी होगी.’
बीजेपी ने बचाया अन्ना का आन्दोलन - गडकरी
क्लीन मीडिया संवाददता
नई दिल्ली, चार नवम्बर (सीएमसी) : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने दावा किया कि यदि भाजपा ने हस्तक्षेप नहीं किया होता और गांधीवादी अन्ना हजारे का समर्थन करने की घोषणा नहीं की होती, तो कांग्रेस रामलीला मैदान में उनके अनशन से वैसी ही निबटती जैसा कि उसने बाबा रामदेव के विरोध प्रदर्शन के साथ किया था.
योगगुरू रामदेव के अनशन के दौरान उनपर और उनके समर्थकों पर आधी रात को की गयी दिल्ली पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा, ‘यदि मैंने अन्ना हजारे को समर्थन पत्र नहीं दिया होता तो उनका भी रामदेव जैसा हश्र होता.’ उन्होंने यहां गोवा चिंतन कार्यक्रम, 2011 में कहा, ‘जब तक हमने (समर्थन) पत्र नहीं दिया था तब तक कांग्रेस यह कहने लगी थी कि भाजपा टीम अन्ना के साथ नहीं है. उनकी मुख्य रणनीति अन्ना के आंदोलन को खत्म करने की थी.’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा हजारे का समर्थन करने वाली पहली राजनीतिक पार्टी थी क्योंकि यह देश हित में था.’
हजारे और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसए) के बीच कथित साठगांठ पर गडकरी ने कहा, ‘संघ कह चुका है कि जो भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करेगा, वह उसके साथ है.’ हजारे के भाजपा से दूरी बनाने पर उन्होंने कहा, ‘चाहे वह (भाजपा) से दूरी बनाते या नहीं, इस बात से मैं बिल्कुल परेशान नहीं हूं, लेकिन पार्टी का स्पष्ट मत है कि जो भी राष्ट्रहित में काम करेगा, वह उसके साथ खड़ी होगी.’
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