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लखनऊ, चार नवम्बर (सीएमसी) : उत्तरप्रदेश पुलिस की अग्निशमन विभाग में उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी डी. डी. मिश्रा ने विभाग मे व्याप्त घोटालों का खुलासा करने के लिए खुद को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपनी जान पर खतरा होने का भी आरोप लगाया है.
वर्ष 1978 बैच के आईपीएस अधिकारी मिश्र ने कहा कि उन्होंने अग्निशमन विभाग में उपकरणों की खरीदारी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के बारे में विभाग के (नियंत्रण कक्ष रजिस्टर) पर स्पष्ट टिप्पणी करते हुए लिखा है कि उत्तरप्रदेश शासन में सब कुछ अवैध है. उन्होंने करोड़ों रुपये के इस घोटाले में विभाग और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी का आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है.
मिश्र ने आरोप लगाया कि सरकार के वरिष्ठ मंत्री दद्दू प्रसाद की शह पर उनकी चरित्र पंजी में प्रतिकूल प्रविष्टि देकर उन्हें पदोन्नति से वंचित कर दिया गया है. यह कहते हुए कि उन्होंने इस संबंध में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से कोई शिकायत नहीं की है मिश्र ने दोहराया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध नियंत्रण कक्ष के रजिस्टर पर टिप्पणी करने के लिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है.
मिश्र ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी उनके आदर्श हैं और वह भ्रष्टाचार के विरोध में अन्ना हजारे के आंदोलन से प्रभावित हैं एवं उन्हें भ्रष्टाचार के विरोध में टिप्पणी करने पर कोई अफसोस नहीं है. प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) सुबेश कुमार सिंह से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इस संबंध में कोई जानकारी होने से इंकार किया. उन्होंने कहा कि मुझे इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं मिली है इसलिए मैं इस संबंध में भरोसे के साथ कुछ कहने की स्थिति में नही हूं.
मायावती सरकार भ्रष्ट - डीआईजी अग्निशमन
क्लीन मीडिया संवाददता
लखनऊ, चार नवम्बर (सीएमसी) : उत्तरप्रदेश पुलिस की अग्निशमन विभाग में उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी डी. डी. मिश्रा ने विभाग मे व्याप्त घोटालों का खुलासा करने के लिए खुद को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपनी जान पर खतरा होने का भी आरोप लगाया है.
वर्ष 1978 बैच के आईपीएस अधिकारी मिश्र ने कहा कि उन्होंने अग्निशमन विभाग में उपकरणों की खरीदारी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के बारे में विभाग के (नियंत्रण कक्ष रजिस्टर) पर स्पष्ट टिप्पणी करते हुए लिखा है कि उत्तरप्रदेश शासन में सब कुछ अवैध है. उन्होंने करोड़ों रुपये के इस घोटाले में विभाग और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी का आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है.
मिश्र ने आरोप लगाया कि सरकार के वरिष्ठ मंत्री दद्दू प्रसाद की शह पर उनकी चरित्र पंजी में प्रतिकूल प्रविष्टि देकर उन्हें पदोन्नति से वंचित कर दिया गया है. यह कहते हुए कि उन्होंने इस संबंध में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से कोई शिकायत नहीं की है मिश्र ने दोहराया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध नियंत्रण कक्ष के रजिस्टर पर टिप्पणी करने के लिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है.
मिश्र ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी उनके आदर्श हैं और वह भ्रष्टाचार के विरोध में अन्ना हजारे के आंदोलन से प्रभावित हैं एवं उन्हें भ्रष्टाचार के विरोध में टिप्पणी करने पर कोई अफसोस नहीं है. प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) सुबेश कुमार सिंह से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इस संबंध में कोई जानकारी होने से इंकार किया. उन्होंने कहा कि मुझे इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं मिली है इसलिए मैं इस संबंध में भरोसे के साथ कुछ कहने की स्थिति में नही हूं.
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