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मनमोहन और जरदारी आज फिर रखेगे अपनी अपनी बात
क्लीन मीडिया संवाददाता
नई दिल्ली: 8 अप्रैल: (सीएमसी) पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी आज अजमेर शरीफ में जियारत के लिए भारत आ रहे हैं। वह 11.45 मिनट पर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरेंगे। जरदारी इसे धार्मिक यात्रा बता रहे हैं, लेकिन उनकी यह यात्रा अब प्राइवेट नहीं रही।
यह आधिकारिक दौरा बनने जा रहा है। हालांकि जरदारी भारत दौरे को पूरी तरह प्राइवेट रखना चाहते थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का लंच का निमंत्रण स्वीकार करने के बाद रिश्तों के बारे में बातचीत का होना स्वाभाविक है। जरदारी मनमोहन सिंह के साथ लंच करेंगे और इसके बाद वह जियारत के लिए अजमेर शरीफ रवाना हो जाएंगे।
सूत्रों की माने तो दोनों नेताओं के बीच ढाई घंटे तक बातचीत होगी। भारत की ओर से हाफिज सईद का मसला उठाया तो जाएगा, लेकिन यह बातचीत का मुख्य मसला नहीं बनेगा। राष्ट्रपति जरदारी की भी यही कोशिश रहेगी। पाकिस्तान का अपने विदेश सचिव को औपचारिक बातचीत के लिए शामिल करना महत्वपूर्ण है।
जरदारी इसके पहले भी भारत के साथ शांति की बातें कर चुके हैं और भारत पर किसी तरह का परमाणु हमला पहले नहीं करने का वचन भी दे चुके हैं। जरदारी के इन बयानों के बाद ही पाकिस्तानी सेना ने प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को भारत के साथ आधिकारिक बातचीत के लिए नामजद किया था। दो साल पहले गिलानी इजिप्ट के शर्म अल शेख में मनमोहन सिंह के साथ बातचीत के बाद बलूचिस्तान में भारतीय दखल की जांच वाला साझा बयान जारी करवाकर पाकिस्तानी सेना की वाहवाही लूट चुके हैं।
मनमोहन और जरदारी आज फिर रखेगे अपनी अपनी बात
क्लीन मीडिया संवाददाता
नई दिल्ली: 8 अप्रैल: (सीएमसी) पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी आज अजमेर शरीफ में जियारत के लिए भारत आ रहे हैं। वह 11.45 मिनट पर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरेंगे। जरदारी इसे धार्मिक यात्रा बता रहे हैं, लेकिन उनकी यह यात्रा अब प्राइवेट नहीं रही।
यह आधिकारिक दौरा बनने जा रहा है। हालांकि जरदारी भारत दौरे को पूरी तरह प्राइवेट रखना चाहते थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का लंच का निमंत्रण स्वीकार करने के बाद रिश्तों के बारे में बातचीत का होना स्वाभाविक है। जरदारी मनमोहन सिंह के साथ लंच करेंगे और इसके बाद वह जियारत के लिए अजमेर शरीफ रवाना हो जाएंगे।
सूत्रों की माने तो दोनों नेताओं के बीच ढाई घंटे तक बातचीत होगी। भारत की ओर से हाफिज सईद का मसला उठाया तो जाएगा, लेकिन यह बातचीत का मुख्य मसला नहीं बनेगा। राष्ट्रपति जरदारी की भी यही कोशिश रहेगी। पाकिस्तान का अपने विदेश सचिव को औपचारिक बातचीत के लिए शामिल करना महत्वपूर्ण है।
जरदारी इसके पहले भी भारत के साथ शांति की बातें कर चुके हैं और भारत पर किसी तरह का परमाणु हमला पहले नहीं करने का वचन भी दे चुके हैं। जरदारी के इन बयानों के बाद ही पाकिस्तानी सेना ने प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को भारत के साथ आधिकारिक बातचीत के लिए नामजद किया था। दो साल पहले गिलानी इजिप्ट के शर्म अल शेख में मनमोहन सिंह के साथ बातचीत के बाद बलूचिस्तान में भारतीय दखल की जांच वाला साझा बयान जारी करवाकर पाकिस्तानी सेना की वाहवाही लूट चुके हैं।
Only meeting and discussion.. no have any solution on kashmir........
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