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Sunday, 29 January 2012

शरद पवार नहीं लड़ेगे 2014 लोकसभा चुनाव

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शरद पवार नहीं लड़ेगे 2014 लोकसभा चुनाव 
क्लीन मीडिया संवाददाता 
नई दिल्ली: 29 जनवरी, (सीएमसी) राजनीति में अपने साढ़े चार दशक पूरे कर रहे राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि वह अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती है तो इसकी जिम्मेदारी राहुल गांधी पर डाली जा सकती है।

  उन्होंने कहा, ‘मुझे जैसे लोगों की जिम्मेदारी है कि युवाओं को प्रोत्साहित किया जाए और युवा नेतृत्व लगातार काम करेगा।’ क्या पवार भविष्य में किसी को राकांपा का नेता पेश करने के बारे में सोच रहे हैं, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैं किसी को पेश करने में भरोसा नहीं करता। यह एक तरह की सामंती सोच है। मान लीजिए कि कोई किसी राज्य का राजा है तो अगली पीढ़ी आएगी और सत्ता संभालेगी, यह अलग बात है। यह लोकतंत्र है। मैं कह नहीं सकता कि अंतत: कौन आएगा।’
   राहुल को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर फिलहाल पेश किये जाने की संभावना नकारते हुए पवार ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी ने उन्हें (राहुल गांधी को) पेश किया है। वह प्रमुख प्रचारक हैं ना कि दिग्विजय सिंह या कोई अन्य नेता। कांग्रेस पार्टी कुछ भी कहे लेकिन अगर वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं तो जनता तथा चुनाव विश्लेषक निश्चित तौर पर उन्हें जिम्मेदार ठहराएंगे।’ जब पवार से पूछा गया कि क्या राहुल गांधी को विधानसभा चुनाव के तत्काल बाद अगले प्रधानमंत्री के तौर पर पेश किया जाएगा तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि अच्छे नतीजों के बाद भी कांग्रेस उन्हें तत्काल पेश करेगी। वे अगले चुनावों का भी इंतजार कर सकते हैं।’
   पवार ने कहा, ‘आज की स्थिति में मुझे राष्ट्रीय नेतृत्व में मूल तौर पर प्रधानमंत्री पद में बदलाव की कोई संभावना नहीं दिखाई देती।’ राकांपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा को चुनाव के बाद अन्य दलों से समर्थन मिलने की ज्यादा संभावना है। यदि वे सरकार बनाने में सफल होते हैं तो यह कांग्रेस का मनोबल बढ़ाने वाली बात होगी। पवार ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मायावती को कौन समर्थन देगा। यदि मायावती की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तो केवल भाजपा समर्थन दे सकती है क्योंकि मुलायम सिंह की पार्टी उनका समर्थन नहीं करेगी। अजित सिंह और अन्य से समर्थन मिलने का सवाल ही नहीं उठता।’

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