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Friday, 13 January 2012

गूगल, फेसबुक खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट सख्त

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गूगल, फेसबुक खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट सख्त 
क्लीन मीडिया संवाददाता 
नई दिल्ली, 13 जनवरी (सीएमसी) : दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल और फेसबुक को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने अपने वेब पेज से आपत्तिजनक सामग्री नहीं हटाए तो अदालत उन्हें बैन करने का आदेश दे सकती है। यह टिप्पणी गूगल इंडिया और फेसबुक की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुरेश कैट ने की।

 हाईकोर्ट ने अपनी मौखिक टिप्पणी में सोशल नेटवर्किंग साइट्स से कहा कि अगर आपने आपत्तिजनक सामग्री को जांचने और उसे हटाने के लिए कोई तंत्र विकसित नहीं किया तो चीन की तरह भारत में भी ऐसी वेब साइट्स को अदालत बैन करा सकती है। इससे पहले गूगल इंडिया और फेसबुक की ओर से उनके वकीलों ने दलीलें पेश की।
 गूगल इंडिया की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि वेबसाइट पर पोस्ट किए जाने वाली आपत्तिजनक सामग्री और लेख को न तो मॉनिटर किया जा सकता है और न ही उसे फिल्टर किया जा सकता है। पूरे विश्व में करोड़ों लोग अपने आर्टिकल वेबसाइट पर डालते हैं यह संभव है कि वह आपत्तिजनक हो सकते हों लेकिन उसे फिल्टर नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह संभव नहीं है। मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि अगर किसी को भी वेब साइट की सामग्री से कोई आपत्ति है तो वह इसके लिए इलेक्ट्रॉनिकली कंप्लेंट कर सकता है। यह शिकायत सर्विस प्रोवाइडर को किया जाता है लेकिन इस मामले में याचिकाकर्ता ने कोई भी शिकायत सर्विस प्रवाइडर को नहीं की। दुनियाभर में 5 से 10 हजार भाषाएं हैं और किस भाषा में क्या लिखा जा रहा है उसे चेक करना बहुत मुश्किल काम है।
 हाईकोर्ट ने बुधवार को फेसबुक और गूगल इंडिया की अर्जी पर पुलिस को नोटिस जारी किया था और निचली अदालत के रिकार्ड तलब किए थे। इन दोनों ने निचली अदालत के एक ऑर्डर को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। निचली अदालत ने सोशल साइटों के खिलाफ वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्रियों को डालने के मामले में समन जारी किया है।

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