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Friday, 13 January 2012

Large scale corruption at AICOG-2012 at BHU

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किश्तों में विशेष रिपोर्ट


बीएचयू में गाइनिकोलाजी सम्मेलन में करोड़ों रूपये की लूट की तैयारी
क्लीन मीडिया संवाददाता


वाराणसी, 13  जनवरी (सीएमसी) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित 55 वें अखिल भारतीय स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान सम्मेलन (आल इंडिया कांग्रेस ऑफ अब्स्टेट्रिक्स एंड गाइनिकोलाजी 2012 ) में देश भर से आने वाले चिकित्सकों एवं अन्य प्रतिनिधियों से करोड़ों रूपये लूटने की तैयारी है. 
    इस माह की 26  तारीख से प्रारंभ हो रहे इस सम्मेलन में समस्त देश से हजारों शीर्ष चिकित्सकों तथा अन्य विशेषज्ञों के शामिल होने की संभावना है लेकिन देश के विभिन्न भागों में इस बात की चर्चा है कि आखिर वाराणसी में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था में इस पांच दिवसीय सम्मेलन के नाम पर चिकित्सकों से ही करोड़ों रूपये लुटाने की तैयारी क्यों की गयी है.
  इस पांच दिवसीय चिकित्सिकीय सम्मेलन में आने वाले विशेषज्ञों से वाराणसी के विभिन्न होटलों में ठहरने, स्थानीय भ्रमण के लिए वाहनों की व्यवस्था और खानपान के नाम पर दूने से तिगुना मूल्य वसूला जा रहा है.
  हाल यह है कि वाराणसी के प्रसिद्ध क्लार्क होटल में जहाँ पांच हजार से सात हजार रूपये प्रतिदिन के किराये पर होटल के कमरे उपलब्ध हैं वहां बाहर से आने वाले चिकित्सकों से इन पांच दिनों के ठहरने के लिए बारह से पंद्रह हजार रूपये प्रतिदिन की दर से वसूले जा रहे हैं.
  यह कांफ्रेंस फेडरेशन ऑफ़ अब्स्टेट्रिक्स एंड गाइनिकोलाजिकल सोसाइटीज ऑफ़ इंडिया (फाग्सी) के तहत इसकी आजमगढ़ और वाराणसी की इकाइयाँ मिलकर प्रायोजित कर रही हैं. इस कांफ्रेंस में देश और विदेश के चिकित्सक भाग ले रहे हैं. अब तक इस कांफ्रेंस में तीन हजार से अधिक चिकित्सकों ने अपना नामांकन करा लिया है.
  कांफ्रेंस काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन, चिकित्सा संस्थान के विभिन्न हालों में पांच दिनों तक चलेगा.  
जनवरी माह के दिनांक 26  से 30  तक चलने वाले एआईसीओजी 2012 के लिए पूरे देश से तीन हजार से ज्यादा चिकित्सक भाग ले रहे हैं. आयोजकों ने इन चिकित्सकों को ठहरने के लिए पूरे शहर के होटलों में तीन हजार कमरे बुक किये हैं. आयोजकों ने चिकित्सकों को इस कांफ्रेंस के लिए वाराणसी में रहने के लिए होटलों की रेट लिस्ट जारी की थी. इस लिस्ट में होटलों को वर्गीकृत किया गया और उन होटलों में एक रात ठहरने की कीमत कोट की गयी है. एआईसीओजी 2012  के बुकलेट में होटलों को वर्गीकृत करके उनके बिना टैक्स के रेट लिखे गए हैं.

  ग्रुप ए में शामिल रेडिसन होटल के रिजर्वेशन मैनेजर जाहिर मिर्जा बेग ने बताया कि बीएचयू में होने वाले कांफ्रेंस के लिए बिना टैक्स के 8000  रूपये प्रति रात के हिसाब से पूरे होटल के कमरे बुक किये गए हैं जबकि आयोजक बीएचयू के प्रसूति विज्ञान विभाग के बुकलेट में इसका रेट बिना टैक्स के 12000 - 15000 रूपये प्रति दिन लिखा गया है.

   होटल क्लार्क के मार्केटिंग मैनेजर सुबीर भटाचार्य ने बताया कि होटल के पूरे कमरे बिना टैक्स के 6000 -6500  रूपये प्रति दिन के हिसाब से बुक किये गए हैं जबकि बुकलेट में इनका रेट बिना टैक्स के 12000 - 15000 रूपये दिखाया गया है. बुकलेट पर छपे रेट के बारे में उनका कहना था कि उनकी बिना जानकारी के ये रेट छपे हैं. 
   होटल प्लाजा इन के एफएम आर के पाण्डेय ने बताया कि बीएचयू कांफ्रेंस के लिए उनका पूरा होटल बुक है. यह बुकिंग बिना टैक्स 1500 रूपये प्रति दिन की गयी है जबकि बुकलेट पर इसका रेट बिना टैक्स 4000 - 6000  रूपये प्रति दिन लिखा गया है.
    इसी तरह होटल शौर्य के रिजर्वेशन मैनेजर संजय श्रीवास्तव ने बताया कि उनका पूरा होटल बीएचयू में होने वाले कांफ्रेंस के लिए बुक है. इनका रेट बिना टैक्स 3000 - 4000  रुपया है जबकि बुकलेट में बिना टैक्स 6000 -9000  रुपया लिखा गया है.
  होटल वैभव के सेल्स एवं मैनेजर के डी राय ने बताया कि बिना टैक्स 2000 - 3000 रूपये प्रति दिन की दर से पूरा होटल बुक किया गया है जबकि बुकलेट में इनका रेट बिना टैक्स 6000 -9000 रूपये प्रति दिन लिखा गया है.  

  होटलों के कमरों की दर में इस भारी अंतर के बारे में पूछे जाने पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लालजी सिंह ने जहाँ इस पूरे मामले के प्रति अनभिज्ञता प्रदर्शित की वहीँ विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. टी एम महापात्रा ने स्वीकार किया कि इन कमियों के बारे उन्हें जानकारी है और इसके बारे में उन्होंने आयोजक विभाग और उसकी अध्यक्ष डा. अनुराधा खन्ना से पूछताछ की थी जिसके जवाब में उन्होंने बताया कि यह सब जिम्मेदारी उन्होंने इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को दे रखी हैं जो इसकी देखरेख कर रही है.

  महापात्रा ने कहा कि कांफ्रेंस के बाद पूरे मामले कि आडिटिंग करायी जाएगी लिहाजा पैसे कि गड़बड़ी नहीं हो सकेगी.
   पूरे मामले में जहाँ मुख्य आयोजन सचिव डा. अनुराधा खन्ना ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया वहीँ होटलों के मामले की संयोजक डा. अंजली रानी ने कहा कि इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकती हैं. इस बारे में मैडम खन्ना ही कुछ बता सकती हैं.

   पूरे मामले पर आयोजकों की चुप्पी अपने आप में संदिग्ध है और यह तय है कि यदि आयोजन की आडिटिंग ठीक से नहीं हुई तो करोड़ों रूपये के वारे-न्यारे होंगे लेकिन अभी से यदि संबद्ध अधिकारी और विश्वविद्यालय प्रशासन चेत गया तो देश- विदेश के हजारों चिकित्सकों से करोड़ों रूपये शायद न लुटा जा सकें. दूसरे यदि उनसे यह रकम ले ली गयी है तो शायद लौटा दी जाय.

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