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Sunday, 8 January 2012

जनता के उम्मीदों को गंभीरता से लिया- मनमोहन सिंह

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PM announced the government's decision to introduce and sponsor the Pension and Life Insurance Fund (PLIF) at the 10th Pravasi Bharatiya Divas on Sunday.
जनता के उम्मीदों को गंभीरता से लिया- मनमोहन सिंह 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


जयपुर, 08 जनवरी (सीएमसी) : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को कहा कि सरकार ने शासन और जन सेवाओं के संबंध में जनता की बढ़ती आकांक्षाओं पर ध्यान देने के गंभीरता से प्रयास किए हैं और वह प्रत्येक भारतीय को शिक्षा, पोषक आहार व स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
 जयपुर में दसवें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार के एजेंडे में शामिल कुछ कानून उसी तरह का प्रभाव डालेंगे जैसा कि आरटीआई कानून ने शासन में पारदर्शिता लाने में किया। सिंह ने कहा, ‘हमने शासन और जन सेवाओं के संबंध में हमारी जनता की बढ़ती आकांक्षाओं पर गंभीरता से ध्यान देने का प्रयास किया है। सूचना का अधिकार कानून शासन में पारदर्शिता लाने में शक्तिशाली साधन साबित हुआ है। मुझे विश्वास है कि इन मुद्दों से संबंधित अन्य कानून भी आने वाले सालों में ऐसा ही प्रभाव बनाएंगे, जो अभी राष्ट्रीय एजेंडे में हैं।’
 प्रधानमंत्री ने कहा कि चूंकि भारतीय सभ्यता और समाज का चरित्र हमेशा से समावेशी रहा है इसलिए स्वाभाविक है कि हमारी राजनीतिक व आर्थिक प्रक्रियाएं भी उनके विन्यास व परिणाम में समावेशी हो। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सामर्थ्य और प्राणशक्ति गहन हुई है चूंकि हमारे समाज के अधिक से अधिक वंचित लोगों ने पिछले कुछ सालों में हमारी आर्थिक व राजनीतिक प्रक्रियाओं में अधिकारपूर्ण स्थान हासिल किया है।
 प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, ‘हम ऐसे लाखों लोगों की क्षमताओं का उपयोग करना चाहते हैं जो एक या अन्य वजहों से अतीत में हमारे समाज के हाशिये पर रहे। हमारी सरकार प्रत्येक भारतीय को शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा प्रदान करके ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि उन्हें गरिमापूर्ण व कुशल जीवन जीने का अधिकार मिले।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकास की ऐसी रणनीति बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो पृथ्वी के पर्यावरण और जरूरी जीवन रक्षक प्रणालियों का संरक्षण करेगी।
 सिंह ने कहा कि भारत के लोग विविध भाषाओं में बोलते हैं और विविध धर्मों में आस्था रखते हैं लेकिन यहां भिन्न.भिन्न परिपाटियों, मान्यताओं और लोगों को समाविष्ट करने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा, ‘यही भारतीय समाज, भारतीय सभ्यता को दृढ़ और समृद्ध बनाता है।’

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