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Wednesday, 7 March 2012

ईरान में संघर्ष के विनाशकारी परिणाम होंगे

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ईरान में संघर्ष के विनाशकारी परिणाम होंगे
क्लीन मीडिया संवाददाता 

वाशिंगटन: 7 मार्च: (सीएमसी)  ईरान पर किसी भी हमले को क्षेत्र के लिए विनाशकारी होने की चेतावनी देने के साथ ही भारत ने कहा है कि अमेरिकी मीडिया में आई हालिया रिपोर्टों में उसके विदेश नीति लक्ष्यों और उर्जा सुरक्षा की जरूरतों को तोड़मरोड़कर पेश किया गया है। भारतीय दूतावास प्रवक्ता के विरेन्द्र पाल ने यहां एक बयान जारी कर कहा कि दुर्भाग्य से, हालिया कुछ मीडिया रिपोर्टों में जो तस्वीर पेश की गई है, वह न केवल भारत के विदेश नीति लक्ष्यों और ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों को तोड़मरोड़कर पेश करती है बल्कि उसकी गतिविधियों के लिए भी गलतफहमी पैदा करती है।
बयान में कहा गया है कि यह अनोखी घटना है जब वाशिंगटन में भारतीय दूतावास को अमेरिकी मीडिया में आई समाचार रिपोर्टों के जवाब में सरकारी बयान जारी करना पड़ा है। इन मीडिया रिपोटरे में ईरान से तेल आयात जारी रखने के भारत के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। पाल ने कहा कि इन रिपोर्टों में भारत के लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ईरान से तेल आयात पर भारत की निर्भरता की जरूरत को अनदेखा किया गया है। भारत की 40 करोड़ से अधिक जनता की अभी तक व्यावसायिक ऊर्जा तक पहुंच नहीं है।
कल जारी बयान में कहा गया है कि मीडिया में यह भ्रम है कि ईरान से भारत का कुल तेल आयात इस वर्ष जनवरी से बढ़ रहा है। यह रिपोर्ट केवल चुनिंदा सूचना पर आधारित है और आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करती है। असलियत यह है कि ईरान से भारत की कच्चे तेल की आयात हिस्सेदारी कम हो रही है। बयान में कहा गया है कि लाखों भारतीयों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के मद्देनजर ईरान से सभी प्रकार के तेल आयात का विकल्प खोजना कोई आसान काम नहीं है। भारत ईरान से अपनी तेल जरूरतों का 12 फीसदी आयात करता है।
बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एक जिम्मेदार सदस्य होने के नाते भारत अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेता है। बयान में साथ ही यह भी कहा गया है कि ईरान संबंधी स्थिति को किसी संघर्ष में नहीं बदलने देना चाहिए क्योंकि इसके विनाशकारी परिणाम किसी के हित में नहीं होंगे।

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